अगर आपके लिवर में फैट जमा है तो इन 3 ड्रिंक्स से बिल्कुल बचें, डॉक्टर चेतावनी देते हैं—‘सिरोसिस’ जल्दी हो सकती है
फैटी लिवर के मरीजों के लिए हानिकारक ड्रिंक्स और सुरक्षित विकल्प, लिवर को सिरोसिस से बचाने के उपाय
आजकल की तेज़ लाइफस्टाइल और गलत खान-पान के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हार्वर्ड के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, फैटी लिवर के मरीजों को सॉफ्ट ड्रिंक्स, स्पोर्ट्स एनर्जी ड्रिंक्स और बोबा टी जैसी चीज़ों से तुरंत दूरी बनानी चाहिए। इनमें मौजूद फ्रुक्टोज़, चीनी, कैफीन और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं।
मुख्य बातें:
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सॉफ्ट ड्रिंक्स में फ्रुक्टोज़ लिवर को फैटी बनाता है
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स्पोर्ट्स ड्रिंक्स लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं
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बोबा टी लिवर में फैट की परत को बढ़ा देती है
अकसर लोग सोचते हैं कि लिवर केवल शराब से ही खराब होता है, लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। फैटी लिवर अब एक आम समस्या बन गई है, खासकर उन लोगों में जो अधिक मीठा और प्रोसेस्ड भोजन लेते हैं। डॉ. सेठी की चेतावनी है कि यदि फैटी लिवर वाले लोग इन तीन ड्रिंक्स का सेवन नहीं रोकते, तो लिवर डैमेज और सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति जल्दी पैदा हो सकती है।
1. सॉफ्ट ड्रिंक्स
सोडा और कोल्ड ड्रिंक अक्सर गर्मी से राहत पाने या खाना पचाने के लिए पी जाती हैं। इनमें फ्रुक्टोज़ और चीनी की मात्रा इतनी अधिक होती है कि लिवर उसे पचा नहीं पाता और इसे फैट में बदल देता है। यही फैट लिवर पर जमा होकर उसकी सूजन और खराबी बढ़ा देता है।
2. स्पोर्ट्स और एनर्जी ड्रिंक्स
जिम जाने वाले युवा थकान मिटाने के लिए अक्सर एनर्जी ड्रिंक्स पीते हैं। इनमें कैफीन और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का मिश्रण होता है, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे पहले से बीमार लिवर और भी नाजुक हो जाता है।
3. बोबा टी
बोबा टी का क्रेज बच्चों और बड़ों में बढ़ रहा है। इसमें इस्तेमाल होने वाला साबूदाना, चीनी और क्रीम कैलोरी का बड़ा स्रोत है। लगातार सेवन लिवर में फैट की परत को मोटा कर देता है और वजन बढ़ाता है। डॉ. सेठी इसे “शुगर बम” कहते हैं।
डॉक्टर की सलाह
अगर आप फैटी लिवर को सिरोसिस में बदलने से रोकना चाहते हैं, तो इन मीठे जहरों से तुरंत दूरी बनाएं। उनकी जगह आप सादा पानी, नींबू पानी, बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी ले सकते हैं। याद रखें, लिवर खुद को ठीक कर सकता है, लेकिन उसके लिए उसे ‘मीठा जहर’ देना बंद करना होगा।
मेडिकल डिस्क्लेमर:
Daksho पर उपलब्ध जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार से पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या बीमारी से संबंधित प्रश्नों के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी के आधार पर पेशेवर चिकित्सा सलाह को नज़रअंदाज़ न करें।
Reviewed by: Daksho Health Editorial Team
Last Updated: 26 Dec, 2025