सर्दियों में कम पानी पीना और धूप न मिलना नुकसानदेह हो सकता है, जानिए गर्भवती महिलाएं खुद को कैसे सुरक्षित रखें
सर्दियों में गर्भावस्था के दौरान पानी और धूप की कमी से होने वाले खतरे और उनसे बचने के आसान उपाय
सर्दियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। ठंड के कारण अक्सर पानी कम पीने की आदत पड़ जाती है और धूप भी कम मिलती है, जिसका सीधा असर शरीर पर पड़ता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन और विटामिन-डी की कमी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे बचने के लिए सही मात्रा में पानी पीना, थोड़ी देर धूप में बैठना और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी है।
ठंड बढ़ते ही आम लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाएं भी जल्दी बीमार पड़ने लगती हैं। अस्पतालों की ओपीडी में इन दिनों जुकाम, खांसी, वायरल फीवर, यूरिन इंफेक्शन और सांस से जुड़ी शिकायतों के साथ गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे संक्रमण जल्दी पकड़ लेता है। ऊपर से कम पानी पीना और सही खान-पान न होना परेशानी को और बढ़ा देता है।
कोहरे और ठंड के चलते गर्भवती महिलाओं की समस्याएं और बढ़ जाती हैं। महिला अस्पतालों में आने वाले कई मामलों में पेट दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को हल्का और गर्म भोजन लेने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और खुद को ठंड से बचाने की सलाह दे रहे हैं। किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
विटामिन-डी की कमी का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में धूप कम मिलने से विटामिन-डी की कमी हो सकती है। इसके साथ ही ठंडा मौसम और तरल पदार्थ कम लेने की आदत गर्भवती महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है। इससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, शरीर में दर्द, थकान और गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर भी असर पड़ सकता है।
सर्दी में बढ़ता है संक्रमण का खतरा
महिला रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मौसम में सांस की नली में संक्रमण, एनीमिया, यूरिन इंफेक्शन और वायरल बुखार के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। अगर समय रहते इलाज न हो, तो इससे समय से पहले प्रसव या कम वजन के बच्चे के जन्म का खतरा बढ़ सकता है।
इन लक्षणों के साथ आ रही हैं गर्भवती महिलाएं
सर्दियों में इन बातों का रखें खास ध्यान
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गर्म कपड़े और मोज़े पहनें
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गुनगुना पानी पीने की आदत डालें
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आयरन और पोषण से भरपूर भोजन लें
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धूप निकलने पर ही बाहर टहलें
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नियमित एएनसी जांच जरूर कराएं
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी मां और बच्चे दोनों की सेहत पर असर डाल सकती है। इसलिए किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच व इलाज कराकर खुद को सुरक्षित रखें।
मेडिकल डिस्क्लेमर:
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Reviewed by: Daksho Health Editorial Team
Last Updated: 26 Dec, 2025